मेरे
अपने सभी सुधि पाठक ,सुधि श्रोता और नवोदित, वरिष्ठ,तथा मेरे समय साथ के
सभी गीतकार,नवगीतकार और साहित्यिक मित्रों के स्नेहस्वरूप आज से
नवरात्रि की पवन बेला माँ शारदा का अभीषेक अपने नवगीतों से माँ के श्री चरणों का वंदन करते हुए इस यज्ञ का श्री गणेश कर रहा हूँ !आपकी प्रतिक्रियाएं और लाड ,प्यार, दुलार के साथ मुझे आप सभी मित्रों के स्नेहाशीष की विशेष आवश्यकता होगी आशा करता हूँ सभी मित्र मेरे इस अनुष्ठान को संपन्न होने तक मुझे अपने संबल से ओत प्रोत करते रहेगे !.........भोलानाथ
मांगन दर कुछ आये
कब से आये हैं तेरे द्वारे माता !
अब देर न कर जल्दी आजा !
कब से आये हैं तेरे द्वारे माता !
अब देर न कर जल्दी आजा !
हो ,,,,,,,,, हो,,,,,,,,हो ,!
तेरे दर आयी मै आयी मुरादें लेने !
खाली हाथ हैं मेरे नहीं लाई मैं कुछ देने !
तेरे दर आयी मै आयी मुरादें लेने !
खाली हाथ हैं मेरे नहीं लाई मैं कुछ देने !
मुझ गरीब की साँसें क्या कहती हैं सुन सुन सुन सुन
मागन दर कुछ आये मागन दर कुछ आये
दर से क्या ले जाये मंगन दर कुछ आये
हो ,,,हो ,,,,,,,,,,हो ,,,,हो
तेरे दर आयी मै आयी मुरादें लेने !
खाली हाथ हैं मेरे नहीं लाई मैं कुछ देने !
तेरे दर आयी मै आयी मुरादें लेने !
खाली हाथ हैं मेरे नहीं लाई मैं कुछ देने !
मुझ गरीब की साँसें क्या कहती हैं सुन सुन सुन सुन
मागन दर कुछ आये मागन दर कुछ आये
दर से क्या ले जाये मंगन दर कुछ आये
हो ,,,हो ,,,,,,,,,,हो ,,,,हो
हो ,,,हो
पास में तेरे माता खुशियों का बड़ा खजाना
खाली झोली भर के मुझे यहाँ से जाना !
तेरी माँ अंजुरी क्या कहती है सुन सुन सुन सुन !
मागन दर कुछ आये मागन दर कुछ आये
दर से क्या ले जाये मंगन दर कुछ आये
उसी पुरानी चाल में जीते हैं किस हाल में
माँ अँखियाँ तो तुम खोलो !
हाँ मुझ पर माता गाज गिरी है
सबकी आँखें आज फिरी हैं वो कहते हैं क्या पूंछो पूंछो !
मैं झूठ नहीं सच कहती तेरी दिव्य दृष्टी क्या कहती
मैं झूठ नहीं सच कहती तेरी दिव्य दृष्टी क्या कहती
तेरी दिव्य दृष्टी क्या कहती है सुन सुन सुन सुन !
मागन दर कुछ आये मागन दर कुछ आये
दर से क्या ले जाये मंगन दर कुछ आये
आ ..आ ..आ ..आ..आ ,,,आ
माँ तू दया की खान है जग तेरा अहसान है
माँ चाह सब को देदो देदो
माता सब कुछ जाने पर दुनिया कुछ ना जाने
दे दिया सब तुझको कह दो,कह दो !
माता सब कुछ जाने पर दुनिया ये ना जाने
माता सब कुछ जाने पर दुनिया ये ना जाने
तेरी दिव्य दृष्टी क्या कहती सुन सुन सुन सुन !
मागन दर कुछ आये मागन दर कुछ आये
दर से क्या ले जाये मंगन दर कुछ आये !
नवरात्री ला के पूजन पाके
नवरात्री ला के पूजन पाके !
माते तू तो आके बुला के दर चली आयेगी
दासी दर्शन पायेगी तू आएगी दासी दर्शन पायेगी !
तू खुद चली आयेगी भेंट पायेगी
तू खुद चली आयेगी भेंट पायेगी !
तेरे दर आयी मै आयी मुरादें लेने !
खाली हाथ हैं मेरे नहीं लाई मैं कुछ देने !
तेरे दर आयी मै आयी मुरादें लेने !
खाली हाथ हैं मेरे नहीं लाई मैं कुछ देने !
मुझ गरीब की साँसें क्या कहती हैं सुन सुन सुन सुन !
मागन दर कुछ आये मागन दर कुछ आये
दर से क्या ले जाये मंगन दर कुछ आये !
मागन दर कुछ आये
भोलानाथ
डॉराधा कृष्णन स्कूल के बगल में
अन अच्.-७ कटनी रोड मैहर
जिला सतना मध्य प्रदेश .भारत
संपर्क – 8989139763
— at made by myself नवरात्रि की पवन बेला माँ शारदा का अभीषेक अपने नवगीतों से माँ के श्री चरणों का वंदन करते हुए इस यज्ञ का श्री गणेश कर रहा हूँ !आपकी प्रतिक्रियाएं और लाड ,प्यार, दुलार के साथ मुझे आप सभी मित्रों के स्नेहाशीष की विशेष आवश्यकता होगी आशा करता हूँ सभी मित्र मेरे इस अनुष्ठान को संपन्न होने तक मुझे अपने संबल से ओत प्रोत करते रहेगे !.........भोलानाथ
मांगन दर कुछ आये
कब से आये हैं तेरे द्वारे माता !
अब देर न कर जल्दी आजा !
कब से आये हैं तेरे द्वारे माता !
अब देर न कर जल्दी आजा !
हो ,,,,,,,,, हो,,,,,,,,हो ,!
तेरे दर आयी मै आयी मुरादें लेने !
खाली हाथ हैं मेरे नहीं लाई मैं कुछ देने !
तेरे दर आयी मै आयी मुरादें लेने !
खाली हाथ हैं मेरे नहीं लाई मैं कुछ देने !
मुझ गरीब की साँसें क्या कहती हैं सुन सुन सुन सुन
मागन दर कुछ आये मागन दर कुछ आये
दर से क्या ले जाये मंगन दर कुछ आये
हो ,,,हो ,,,,,,,,,,हो ,,,,हो
तेरे दर आयी मै आयी मुरादें लेने !
खाली हाथ हैं मेरे नहीं लाई मैं कुछ देने !
तेरे दर आयी मै आयी मुरादें लेने !
खाली हाथ हैं मेरे नहीं लाई मैं कुछ देने !
मुझ गरीब की साँसें क्या कहती हैं सुन सुन सुन सुन
मागन दर कुछ आये मागन दर कुछ आये
दर से क्या ले जाये मंगन दर कुछ आये
हो ,,,हो ,,,,,,,,,,हो ,,,,हो
हो ,,,हो
पास में तेरे माता खुशियों का बड़ा खजाना
खाली झोली भर के मुझे यहाँ से जाना !
तेरी माँ अंजुरी क्या कहती है सुन सुन सुन सुन !
मागन दर कुछ आये मागन दर कुछ आये
दर से क्या ले जाये मंगन दर कुछ आये
उसी पुरानी चाल में जीते हैं किस हाल में
माँ अँखियाँ तो तुम खोलो !
हाँ मुझ पर माता गाज गिरी है
सबकी आँखें आज फिरी हैं वो कहते हैं क्या पूंछो पूंछो !
मैं झूठ नहीं सच कहती तेरी दिव्य दृष्टी क्या कहती
मैं झूठ नहीं सच कहती तेरी दिव्य दृष्टी क्या कहती
तेरी दिव्य दृष्टी क्या कहती है सुन सुन सुन सुन !
मागन दर कुछ आये मागन दर कुछ आये
दर से क्या ले जाये मंगन दर कुछ आये
आ ..आ ..आ ..आ..आ ,,,आ
माँ तू दया की खान है जग तेरा अहसान है
माँ चाह सब को देदो देदो
माता सब कुछ जाने पर दुनिया कुछ ना जाने
दे दिया सब तुझको कह दो,कह दो !
माता सब कुछ जाने पर दुनिया ये ना जाने
माता सब कुछ जाने पर दुनिया ये ना जाने
तेरी दिव्य दृष्टी क्या कहती सुन सुन सुन सुन !
मागन दर कुछ आये मागन दर कुछ आये
दर से क्या ले जाये मंगन दर कुछ आये !
नवरात्री ला के पूजन पाके
नवरात्री ला के पूजन पाके !
माते तू तो आके बुला के दर चली आयेगी
दासी दर्शन पायेगी तू आएगी दासी दर्शन पायेगी !
तू खुद चली आयेगी भेंट पायेगी
तू खुद चली आयेगी भेंट पायेगी !
तेरे दर आयी मै आयी मुरादें लेने !
खाली हाथ हैं मेरे नहीं लाई मैं कुछ देने !
तेरे दर आयी मै आयी मुरादें लेने !
खाली हाथ हैं मेरे नहीं लाई मैं कुछ देने !
मुझ गरीब की साँसें क्या कहती हैं सुन सुन सुन सुन !
मागन दर कुछ आये मागन दर कुछ आये
दर से क्या ले जाये मंगन दर कुछ आये !
मागन दर कुछ आये
भोलानाथ
डॉराधा कृष्णन स्कूल के बगल में
अन अच्.-७ कटनी रोड मैहर
जिला सतना मध्य प्रदेश .भारत
संपर्क – 8989139763
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