Thursday, 20 February 2014

सजती मुरलिया [भोलानाथ के नवगीत



एक बार चल कर
तो आओ कन्हैयाँ
यमुना के किनारे !
देखेंगे हम भी
सजती मुरलिया
ओंठ में तुम्हारे !
प्राण भेदी चितवन
एक नज़र
हम पर भी डारो,
लहरों में
बनाये  
रेत के घरौंदे उबारो,
मीरा संग राधा
आज रास तुम नाचो
साथ में हमारे!
एक बार चल कर
तो आओ कन्हैयाँ
यमुना के किनारे !
देखेंगे हम भी
सजती मुरलिया
ओंठ में तुम्हारे !
यमुना की
लहरी में झांके
पूनम की चंदा,
तुम भी निहारो
कमल मुख कलियाँ  
डारो फंदा,
आँचल का फागुन
पलाशों का फींचा
गलियाँ निहारे !
एक बार चल कर
तो आओ कन्हैयाँ
यमुना के किनारे !
देखेंगे हम भी
सजती मुरलिया
ओंठ में तुम्हारे !
डारे कदम की
डारी हमने
बाहों के झूले,
प्राणों में मेहदी
अमलतास
साँस फूले,
खेलेंगे हम भी
गोकुल की होली
प्रीत के सहारे !
एक बार चल कर
तो आओ कन्हैयाँ
यमुना के किनारे !
देखेंगे हम भी
सजती मुरलिया
ओंठ में तुम्हारे !

भोलानाथ
डॉराधा कृष्णन स्कूल के बगल में
अन अच्.- कटनी रोड मैहर
जिला सतना मध्य प्रदेश .भारत

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