लाल चुनरिया सज गई रे
लाल चुनरिया लाल चुनरिया सज गई रे तेरे हेमकसीदों से
लाल चुनरिया सज गई रे तेरे हेमकसीदों से
सबको दिखा के देख लिया रे दीपों से
माना की वर देगी ओ
अर्ज मेरी सुन लेगी ओ !
लाल चुनरिया सज गई रे तेरे हेमकसीदों
से
लाल चुनरिया सज गई रे तेरे हेमकसीदों से
सबको दिखा के देख लिया रे दीपों से !
माना की वर देगी ओ
अर्ज मेरी सुन लेगी ओ !
ओ ओ ओ .......ओ ओ ओ
आश लगाए बैठी ठी मैं
कब से चाँद से चहरे की पल छीन में ही
दर्श दिया
आँख हटा कर पहरे की आँख हटा कर पहरे की
आँख हटा कर पहरे की !
हो यों ही रे पहरे का जाना यह कैसा जादू हो गया
तेरी आभा देखकर सूरज भी शर्मा गया
सूरज भी शर्मा गया
सूरज भी शर्मा गया
मुझे धर्म सिखाये जय माता
मेरा माँ घटाए जय माता
माँ की राहों में चुक न जाये माँ के
भेदों से
सबको दिखा के देख लिया रे दीपों से
माना
की वर देगी ओ अर्ज मेरी सुन लेगी ओ !
माना की वर देगी ओ
अर्ज मेरी सुन लेगी ओ !
आआ आ आ .........................आ आ आ
महकी महकी ये हवा
छू ले अकार द्वार तू आंबे का दीदार कर
तू आंबे का दीदार कर
आंबे का दीदार कर
तेरे द्वार की अभा मेरे आँखों में समां गई
ये धोखा भाव छोड़ मैं पीछे पीछे आ गई
पीछे पीछे आ गई पीछे पीछे आ गई
सात्क्षत्कर हो गया जय माता दीदार हो
गया जय माता
अब तो रोके न रुके हेम कसीदों से
सबको दिखा के देख लिया रे दीपों से !
माना
की वर देगी ओ अर्ज मेरी सुन लेगी ओ !
माना की वर देगी ओ
अर्ज मेरी सुन लेगी ओ !
लाल चुनरिया सज गई रे तेरे हेमकसीदों से
सबको दिखा के देख लिया रे दीपों से !
माना की वर देगी ओ
अर्ज मेरी सुन लेगी ओ !
माना
की वर देगी ओ अर्ज मेरी सुन लेगी ओ !
माना की वर देगी ओ
अर्ज मेरी सुन लेगी ओ !
माना की वर देगी ओ
अर्ज मेरी सुन लेगी ओ !
लाल चुनरिया लाल चुनरिया सज गई रे तेरे हेमकसीदों से
लाल चुनरिया सज गई रे तेरे हेमकसीदों से
माना की वर देगी ओ अर्ज मेरी सुन लेगी ओ !
लाल चुनरिया सज गई रे तेरे हेमकसीदों से
सबको दिखा के देख लिया रे दीपों से !
माना की वर देगी ओ अर्ज मेरी सुन लेगी ओ !
ओ ओ ओ .......ओ ओ ओ
आँख हटा कर पहरे की आँख हटा कर पहरे की
आँख हटा कर पहरे की !
हो यों ही रे पहरे का जाना यह कैसा जादू हो गया
सूरज भी शर्मा गया
मुझे धर्म सिखाये जय माता मेरा माँ घटाए जय माता
सबको दिखा के देख लिया रे दीपों से
माना की वर देगी ओ अर्ज मेरी सुन लेगी ओ !
महकी महकी ये हवा
छू ले अकार द्वार तू आंबे का दीदार कर
तू आंबे का दीदार कर
आंबे का दीदार कर
तेरे द्वार की अभा मेरे आँखों में समां गई
सात्क्षत्कर हो गया जय माता दीदार हो गया जय माता
अब तो रोके न रुके हेम कसीदों से
सबको दिखा के देख लिया रे दीपों से !
माना की वर देगी ओ अर्ज मेरी सुन लेगी ओ !
लाल चुनरिया सज गई रे तेरे हेमकसीदों से
सबको दिखा के देख लिया रे दीपों से !
माना की वर देगी ओ अर्ज मेरी सुन लेगी ओ !
माना की वर देगी ओ अर्ज मेरी सुन लेगी ओ !
माना की वर देगी ओ अर्ज मेरी सुन लेगी ओ !
भोलानाथ
डॉराधा कृष्णन स्कूल के बगल में
अन अच्.-७ कटनी रोड मैहर
जिला सतना मध्य प्रदेश .भारत
संपर्क – 8989139763
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