Monday, 15 April 2013

भोलानाथ के नवगीत [काली काली अंखियों वाली माँ] विडिओ

काली काली अंखियों वाली माँ !
काली काली अखियों वाली तेरे दुआर खड़े है सवाली !
काली काली अखियों वाली तेरे दुआर खड़े हैं खड़े हैं सवाली !
हम बालक अनजाने है हम अपनी जिद ठाने है !
हम बालक अनजाने है हम अपनी जिद ठाने हैं !
चल आगे सपनों वाले रोनी सूरत ओंठ में ताले !
चल आगे सपने वाले रोनी सूरत ओंठ में ओंठ में हैं ताले !
हम बालक अनजाने हैं हम अपनी जिद ठाने हैं !
हम बालक अनजाने है हम अपनी जिद ठाने है !
आ,,,,,आ,,,,आ,,,,,,आ,,,,,,,,,,!
जा महिना गा जय माँ दरश करले जय माँ !
धन्य पुन्य जो भी जी लिया !
बिनती कर जय माँ माँ से कह दिया !
बहुत है जो तूने दिया !
मैं मंदिर तक चढ़ आवा !
ले आपने हाथ चढ़ावा !
मैं मंदिर तक चढ़ आवा !
ल आपने हाथ चढ़ावा !
और न कुछ अब कहना सब मिटटी से मिल जाने हैं !
हम बालक अनजाने है हम अपनी जिद ठाने हैं !
हम बालक अनजाने है हम अपनी जिद ठाने हैं !
हम बालक अनजाने है हम अपनी जिद ठाने हैं !
हम बालक अनजाने है हम अपनी जिद ठाने हैं !
काली काली अखियों वाली तेरे दुआर खड़े हैं सवाली
काली काली अखियों वाली तेरे दुआर खड़े है खड़े है सवाली!
हम बालक अनजाने है हम अपनी जिद ठाने है !
हम बालक अनजाने है हम अपनी जिद ठाने है !
आ आ आ आ आ !
ओ ओ ओ ओ !
माँ की महिमा दूर बड़ी है .........!
माँ की महिमा दूर बड़ी है !
माँ उचे बहुत चढ़ी है ..........!
माँ की महिमा दूर बड़ी है !
माँ उचे बहत चढ़ी है !
माँ दर्शन दे मुझे किसी बहाने से !
बहाने से !
बहाने से !
माँ की माडिया दूर बड़ी है गिरी में नग सी जड़ी है !
माँ की माडिया दूर बड़ी है गिरी मे नग सी जड़ी है !
माँ उचे बहुत चढ़ी है पहाड़ों पे !
पहाड़ों पे !
पहाड़ों पे !
हां सीढ़ी खडी खड़ी हैं पर माँ मै आ गई ...!
हम बालक अनजाने है हम अपनी जिद ठाने है !
हम बालक अनजाने है हम अपनी जिद ठाने है !
हम बालक अनजाने है हम अपनी जिद ठाने है !
काली काली अखियों वाली तेरे दुआर खड़े हैं सवाली !
कलि कलि अखियों वाली तेरे दुआर कहेद है खदे हैं सवाली !
हम बालक अनजाने है हम अपनी जिद ठाने है !
हम बालक अनजाने है हम अपनी जिद ठाने है !
हम बालक अनजाने है हम अपनी जिद ठाने है !
चल आगे सपने वाले रोने सूरत ओंठ में ताले !
चल आगे सपने वाले रोनी सूरत में ओंठ में है ताले !
हम बालक अनजाने है हम अपनी जिद ठाने है !
हम बालक अनजाने है हम अपनी जिद ठाने है !
हम बालक अनजाने है हम अपनी जिद ठाने हैं...

भोलानाथ
डॉराधा कृष्णन स्कूल के बगल में
अन अच्.-७ कटनी रोड मैहर
जिला सतना मध्य प्रदेश .भारत
संपर्क – 8989139763

No comments:

चलते चलते अजाने सफर में

चलते चलते अजाने सफर के हारे थके लड़खड़ाने लगे हैं समतल सतह के खुरदरिया पांव! मंजिल का कोई ठिकाना पता न झुकी रीढ़ के बोझ पर बोझ धरती रही ...