Tuesday, 16 April 2013

भोलानाथ के नवगीत [बंधन ये बंधन ]

मेरे अपने सभी सुधि पाठक ,सुधि श्रोता और नवोदित, वरिष्ठ,तथा मेरे समय साथ के सभी गीतकार,नवगीतकार और साहित्यिक मित्रों के स्नेहस्वरूप नवरात्री बैठकी से
नवरात्रि की पवन बेला माँ शारदा का अभीषेक अपने नवगीतों से माँ के श्री चरणों का वंदन करते हुए इस यज्ञ का श्री गणेश कर रहा हूँ !आपकी प्रतिक्रियाएं और लाड ,प्यार, दुलार के साथ मुझे आप सभी मित्रों के स्नेहाशीष की विशेष आवश्यकता होगी आशा करता हूँ सभी मित्र मेरे इस अनुष्ठान को संपन्न होने तक मुझे अपने संबल से ओत प्रोत करते रहेगे !.........भोलानाथ

बंधन ये बंधन

आआ,,,, आआ,,,, आआ,,,, आआ!

ये बंधन भावों के बंधन
ये नाते फूलों के नाते !
ये बंधन भावों के बंधन
ये नाते फूलो के नाते !
तय होतें हैं मंदिर में
शरण में जोड़े जाते !
बंधन ये बंधन
बंधन ये बंधन
ये बंधन भावों के बंधन
ये नाते फूलों के नाते !
तय होतें मंदिर में हैं
शरण में जोड़े जाते !
बंधन ये बंधन
बंधन ये बंधन !
ओ उंची मंदिर वाली
मैया की शान निराली !
रंग रंग के फूलों से माँ
सजती है मैहर वाली !
जिनकी है सहायक माता
मिलती है आरत थाली !
भावों के जिसने जन्नत से
क्या बंधन हैं बनाये !
बंधन ये बंधन
बंधन ये बंधन !
ये बंधन भावों के बंधन !
ये नाते फूलों के नाते
ये बंधन भावों के बंधन !
ये नाते फूलों के नाते !
तय होतें हैं मंदिर में !
शरण में जोड़े जाते !
आआ,,,, आआ,,,, आआ ,,,, आआ
चली मैया चली
भगतों की गली !
चलने लगी पुरवाई !,
चली मैया चली
भक्तों की गली !
चलने लगी पुरवाई !
दरश देने आयी
दुर्गे माँ आयी !
माँ दुर्गे है आयी !
संयोग ये कैसा
कैसा है ये बंधन !
कैसा हुआ है मिलन !
ऐसी पूजी
घर घर में आयी है !
सब को बधाई नमन !
बंधन ये बंधन !
बंधन ये बंधन !
ये बंधन भावों के बंधन
ये नाते फूलों के नाते !
ये बंधन भावों के बंधन
ये नाते फूलों के नाते !
तय होतें हैं मंदिर में
शरण में जोड़े जाते !
बंधन ये बंधन
बंधन ये बंधन !
बंधन ये बंधन
बंधन ये बंधन !
ये बंधन भावों के बंधन
ये नाते फूलों के नाते !
ये बंधन भावों के बंधन
ये नाते फूलों के नाते !
तय होतें हैं मंदिर में
शरण में जोड़े जाते !
बंधन ये बंधन
बंधन ये बंधन !
बंधन ये बंधन .........

भोलानाथ
डॉराधा कृष्णन स्कूल के बगल में
अन अच्.-७ कटनी रोड मैहर
जिला सतना मध्य प्रदेश .भारत
संपर्क – 8989139763
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