रस्साकसी
राजनीत की
बेमंथन घट, पानी पानी
फेन दूधिया दिखे दूर से
जस विधवा का आँचल !
काई कांदो
लिखे ककहरा
घाटी घाटी उड़ उड़ तोते
महा मन्त्र पढ़
पूंछों सींचें मुख गंगा जल !
सधी ओंठ
अक्षर के लाले
मुह मिट्ठू बौने किले कंगूरे
बैठे ठाले
मुट्ठी बाँध दिखाते खड़े अंगूठे,
सभागार बारूदी बत्ती
की चर्चा पर
आयोगी रुमालें धर धर
आंसू पोंछें
हाथ जन्म के झूठे,
यश गौरव
मक्कारी के घर
भरती पानी
बांह सिकोड़े पुश्तैनी सत्ता
पुन्य की छाती जोत रही है हल !
रस्साकसी
राजनीत की
बेमंथन घट पानी पानी
फेन दूधिया दिखे दूर से
जस विधवा का आँचल !
काई कांदो
लिखे ककहरा
घाटी घाटी उड़ उड़ तोते
महा मन्त्र पढ़
पूंछों सींचें मुख गंगा जल !
किसको रोकूँ
किसको टोकूं
आक्षितिजी इंद्रजाल फैला है
चमक रहा सेतु शिखर
चमचमाती धूप में,
प्रेतों के डेरों में बैताली पहरे
झंडों के नीचे हैं ठहरे
मिलते हैं साधुओं के रूप में,
टेशुओं की
लौंद नहीं
रक्त भरे पंजे हैं
कीर्ति की पहाड़ी पर
लीद को समझ नहीं विन्ध्याचल !
रस्साकसी
राजनीत की
बेमंथन घट पानी पानी
फेन दूधिया दिखे दूर से
जस विधवा का आँचल !
काई कांदो
लिखे ककहरा
घाटी घाटी उड़ उड़ तोते
महा मन्त्र पढ़
पूंछों सींचें मुख गंगा जल !
मदिरा का मोह त्याग
रह होशावाश में
रद्दी के भाव नहीं बिकना है
घूम रहे साथ
आंत के कबाड़ी,
हुक्कों का घना धुंआ
फैला है दूर तक
हरियाली नज़र नहीं आती
रौंद रहे हैं अरने
तोड़ ताड़ बाड़ी,
कोढिओं का अहम देख
और देख
काली कजरौटियाँ
अंधों की आँखों में
आँज रहीं काजल !
रस्साकसी
राजनीत की
बेमंथन घट पानी पानी
फेन दूधिया दिखे दूर से
जस विधवा का आँचल !
काई कांदो
लिखे ककहरा
घाटी घाटी उड़ उड़ तोते
महा मन्त्र पढ़
पूंछों सींचें मुख गंगा जल !
भोलानाथ
डॉ,राधा कृष्णन स्कूल के बगल में
अन अच्.-७ कटनी रोड मैहर
,जिला सतना मध्य प्रदेश .भारत
संपर्क -09425885234
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