भैंसे की
पूंछ पकड
डबरे में डूबे
बैतरणी के तिनके
कुछ काम नहीं आये !
अमुआँ की कोमल
फुनगी में
बैठी बंदरिया
शावकों को अपने
छाती चिपकाये !
बंश गत हवेली के
जाल पुरे नक़्शे में
धर धर हाथ की उंगलियाँ,
जलेबीनुमा भीतरी
सुरंगों की रंगत
घुमावदार भवर गलियाँ,
संहिता
सम्वादों की
संज्ञा संबंधों के नाटक
कह कह के
किस्से कहानी पढ़ाये !
भैंसे की
पूंछ पकड
डबरे में डूबे
बैतरणी के तिनके
कुछ काम नहीं आये !
अमुआँ की कोमल
फुनगी में
बैठी बंदरिया
शावकों को अपने
छाती चिपकाये !
उबलते विद्रोहों पर
रथारूढ़ कब कैसे डारे
सींगो में पगहे,
हिनहिनाते घुड़शाली घोड़े
खा खा के चाबुक
कैसे मौन हुये गदहे,
पुराने
प्रोजेक्टर में
संचित इतिहासी
बिंबों की जादूगरी
आँखों दिखाये !
भैंसे की
पूंछ पकड
डबरे में डूबे
बैतरणी के तिनके
कुछ काम नहीं आये !
अमुआँ की कोमल
फुनगी में
बैठी बंदरिया
शावकों को अपने
छाती चिपकाये !
सधी सोच आँज रही
कोरों में यूनानी काजल
खोल कर पिटारा,
सागर की लहरों सा
जिज्ञासु कौतूहल खोज रहा
द्वीप का किनारा,
खींच रहीं
गाडर
गईया की टांगें
शेरों की
माँदों में चूहे वियाये !
भैंसे की
पूंछ पकड
डबरे में डूबे
बैतरणी के तिनके
कुछ काम नहीं आये !
अमुआँ की कोमल
फुनगी में
बैठी बंदरिया
शावकों को अपने
छाती चिपकाये !
भोलानाथ
डॉ,राधा कृष्णन स्कूल के बगल में
अन अच्.-७ कटनी रोड मैहर
,जिला सतना मध्य प्रदेश .भारत
संपर्क -09425885234
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