Thursday, 9 May 2013

भोलानाथ के नवगीत [अखबारों के बड़े हादसे]

मेरे अपने सभी सुधि पाठक ,सुधि श्रोता और नवोदित, वरिष्ठ,तथा मेरे समय साथ के सभी गीतकार,नवगीतकार और साहित्यिक मित्रों को समर्पित आज का यह नया नवगीत विद्रूप यथार्थ की धरातल पर सामाजिक व्यवस्था और प्रबंधन की चरमराती लचर तानाशाही के कुरूप चहरे की मुक्म्मल बदलाव की जरूत महसूस करता हुआ नवगीत !
साहित्यिक संध्या की सुन्दरतम नवरात्रि की पूर्व बेला में निवेदित कर रहा हूँ !आपकी प्रतिक्रियाएं ही इस चर्चा और पहल को सार्थक दिशाओं का सहित्यिक बिम्ब दिखाने में सक्षम होंगी !

और आवाहन करता हूँ "हिंदी साहित्य के केंद्रमें नवगीत" के सवर्धन और सशक्तिकरण के विविध आयामों से जुड़ने और सहभागिता निर्वहन हेतु !आपने लेख /और नवगीत पढ़ा मुझे बहुत खुश हो रही है मेरे युवा मित्रों की सुन्दर सोच /भाव बोध /और दृष्टि मेरे भारत माँ की आँचल की ठंडी ठंडी छाँव और सोंधी सोंधी मिटटी की खुशबु अपने गुमराह होते पुत्रों को सचेत करती हुई माँ भारती ममता का स्नेह व दुलार निछावर करने हेतु भाव बिह्वल माँ की करूँणा समझ पा रहे हैं और शनै शैने अपने कर्म पथ पर वापसी के लिए अपने क़दमों को गति देने को तत्...

अखबारों के
बड़े हादसे
शोर सराबा
दहशत गर्दी
पाल रही है
बांह में वर्दी
आने वाली
सुबह की छाती
होंगे बड़े बड़े विस्फोट !
महानगर की
महा सभा के
दरबारी हैं
चोर उच्चके
सभापति
बीहड़ के पाले
लील रहे
दुधमुँही चेतना
प्रतिबंधों की नातेदारी ओट !
नदिया किनारे
बूढ़े कहुओं की
पीठों से
सधी कुल्हारी
छील रही है
ताज़ा ताज़ा छाल,
बड़ी बड़ी
नाँदों के भीतर
पकेगी सड सड
चमर ठिकाने
धीरे धीरे
मरी गाय की खाल,
कई कई जन्मों की कल्पी
अथक साधना
चित्र केतु की
समझ न आई
चरर मरर
कंठों भर सिसकी
कदम कदम पर
झेले पनही
पानी पाथर चोट !
अखबारों के
बड़े हादसे
शोर सराबा
दहशत गर्दी
पाल रही है
बांह में वर्दी
आने वाली
सुबह की छाती
होंगे बड़े बड़े विस्फोट !
महानगर की
महा सभा के
दरबारी हैं
चोर उच्चके
सभापति
बीहड़ के पाले
लील रहे
दुधमुँही चेतना
प्रतिबंधों की नातेदारी ओट !
गांजा भांग
धतूर अफीमी
मदहोशी की गोली सी
जहन भरी है
जनम जनम की
जहर गुलामी,
दिनचर्या में
देह खपी है
देहरी देहरी
तरुआ घिस गए
कमर झुकी है
टूटे हाथ सलामी,
सूत्रधार चाणक्य चोटैया
उगली आग
बोर कर मिसरी
सावन मास की
अंधी आँखें
कैसे जानें
तपन जेठ की
मरुथल
मृग छलना की खोट !
अखबारों के
बड़े हादसे
शोर सराबा
दहशत गर्दी
पाल रही है
बांह में वर्दी
आने वाली
सुबह की छाती
होंगे बड़े बड़े विस्फोट !
महानगर की
महा सभा के
दरबारी हैं
चोर उच्चके
सभापति
बीहड़ के पाले
लील रहे
दुधमुँही चेतना
प्रतिबंधों की नातेदारी ओट !
मठाधीश
हो गए कसाई
आनन फानन
छोड़ मढुलिया
भैरों नाचें
क्षेत्र पाल के द्वारे,
भूत प्रेत बैताल के
बंधुआ पंडे
रहा कौन जो
कला बताये
देवी फिरें
विपत के मारे,
छद्मीं उत्सव
गाजे बाजे
यज्ञ आहूती
सन्यासी को
चली लुभाने
बहुरूपियों की फ़ौज
ले ध्वजा नारियल
लाल लंगोटी
चिलम खेत की रोट !
अखबारों के
बड़े हादसे
शोर सराबा
दहशत गर्दी
पाल रही है
बांह में वर्दी
आने वाली
सुबह की छाती
होंगे बड़े बड़े विस्फोट !
महानगर की
महा सभा के
दरबारी हैं
चोर उच्चके
सभापति
बीहड़ के पाले
लील रहे
दुधमुँही चेतना
प्रतिबंधों की नातेदारी ओट !

भोलानाथ
डॉराधा कृष्णन स्कूल के बगल में
अन अच्.-७ कटनी रोड मैहर
जिला सतना मध्य प्रदेश .भारत
संपर्क – 8989139763

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