Sunday, 19 May 2013

भोलानाथ के नवगीत [भाषाई समुन्दर की]

गीतकार,नवगीतकार और साहित्यिक मित्रों को समर्पित आज का यह नया नवगीत विद्रूप यथार्थ की धरातल पर सामाजिक व्यवस्था और प्रबंधन की चरमराती लचर तानाशाही के कुरूप चहरे की मुक्म्मल बदलाव की जरूत महसूस करता हुआ नवगीत !
साहित्यिक संध्या की सुन्दरतम बेला में निवेदित कर रहा हूँ !आपकी प्रतिक्रियाएं ही इस चर्चा और पहल को सार्थक दिशाओं का सहित्यिक बिम्ब दिखाने में सक्षम होंगी !

और आवाहन करता हूँ "हिंदी साहित्य के केंद्रमें नवगीत" के सवर्धन और सशक्ती करण के विविध आयामों से जुड़ने और सहभागिता निर्वहन हेतु !आपने लेख /और नवगीत पढ़ा मुझे बहुत खुशी हो रही है मेरे युवा मित्रों की सुन्दर सोच /भाव बोध /और दृष्टि मेरे भारत माँ की आँचल की ठंडी ठंडी छाँव और सोंधी सोंधी मिटटी की खुशबु अपने गुमराह होते पुत्रों को सचेत करती हुई माँ भारती ममता का स्नेह व दुलार निछावर करने हेतु भाव बिह्वल माँ की करूँणा समझ पा रहे हैं और शनै शैने अपने कर्म पथ पर वापसी के लिए अपने क़दमों को गति देने को तत्पर हैं ...


भाषाई
समुन्दर की
गहराई
बामी बमीठियों
की खाई
दीमक
क्या जाने !
पेट और
प्रजनन की
आग में
होम हुए
चन्दन वन
समिधा सी 
राख में समाने ! 
जहर बुझे
प्रश्नों की
जलती अंगीठी में
उबल रही
गंगा गंगोत्री की धारा,
आँख बंद किये
पुरसा भर
मुँह खोले लील रहा
जीवित मछलियाँ
कबंध सा किनारा,
स्तुतियों में
देव जुटे
इन्द्रासन
हिले नहीं
शेष नाग
सोये
बिष्णु के सिराने !
भाषाई
समुन्दर की
गहराई
बामी बमीठियों
की खाई
दीमक
क्या जाने !
पेट और
प्रजनन की
आग में
होम हुए
चन्दन वन
समिधा सी 
राख में समाने ! 
देवधर प्रतिज्ञा
प्रतिबंधों में
बदली
उदंड हुईं
हरी तुलसी परछाईयाँ,
कितने ही
वीरों के
शीश कटे
झुके नहीं राजमुकुट
देह दिखती हैं झाईयां,
अकल
आँखों का
ताल मेल
नीम हुआ
बातों में
बिदुर बँटे
मौन हैं बहाने !
भाषाई
समुन्दर की
गहराई
बामी बमीठियों
की खाई
दीमक
क्या जाने !
पेट और
प्रजनन की
आग में
होम हुए
चन्दन वन
समिधा सी 
राख में समाने ! 
समाधियों में
संत हैं
धुन्धलाये हाशियों में
कुंठित हैं
अंतहीन हादसे, 
फ़तवा
फरमानों की
पढ़ पढ़ के सूची
सहमे मृग छौंने
खबर आई जो माद से,
सगुन
समय नहीं
लिखना है
छेनियों से
शिलालेख
मायावी
द्वार के मुहाने !
भाषाई
समुन्दर की
गहराई
बामी बमीठियों
की खाई
दीमक
क्या जाने !
पेट और
प्रजनन की
आग में
होम हुए
चन्दन वन
समिधा सी 
राख में समाने ! 

भोलानाथ
डॉराधा कृष्णन स्कूल के बगल में
अन अच्.-७ कटनी रोड मैहर
जिला सतना मध्य प्रदेश .भारत
संपर्क – 8989139763


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