विराजें वहीँ आप
इंद्र की सभा में
बने रहें
दरबारी
पालें मछलियाँ हवा में !
मेनका की बाँहों में
रह रह के झूलें
भूलें सभी कुछ
अमृत पियें
आप डालकर दवा में !
दाबें कखरियों में सूरज
बोयें उगायें
अंधेरों में जुगुनू
चन्दन वनों को
काटें उखारें,
उठती आवाजों को
कैंची से काटें
बाहुबली
बनियों से कह दें
बांहों के बहुँटे उतारें,
बाँधें वरुण को
मन मानी धारा लगायें
कैदी बनायें
छनकायें
सागर का पानी तवा में !
विराजें वहीँ आप
इंद्र की सभा में
बने रहें
दरबारी
पालें मछलियाँ हवा में !
मेनका की बाँहों में
रह रह के झूलें
भूलें सभी कुछ
अमृत पियें
आप डालकर दवा में !
बांधे रहें मौरी
दूल्हे बनें आप
बराती बूचड
काठ की बिलईयों की
कर के सवारी चलेंगे,
कमानें धनु की
ढीली प्रत्यंचा में
कस कर मिसाईल
ओंठों के योधा
पानी में पूड़ी तलेंगे,
हटायेंगे
शरहद की चौकयाँ
पीछे हटेंगे
जिन्ना की बरखी
मनायेंगे चीनी कवा में !
विराजें वहीँ आप
इंद्र की सभा में
बने रहें
दरबारी
पालें मछलियाँ हवा में !
मेनका की बाँहों में
रह रह के झूलें
भूलें सभी कुछ
अमृत पियें
आप डालकर दवा में !
तमाखू सी
नरदों में थूंकें
ओंठों की भाषा
अंग्रेजी चाँटें शहद सी
उड़ायें चिरईयाँ,
बहने दें मदिरा की नदियाँ
गंगा का
अमृत समझ कर
पीयेगी रियाया
कटने दें कुम्हड़ों सी गईयाँ,
भष्मी भभूती की
ठंडी अनुभूति में
खोजेगी पीढ़ी
भारत का
नक्सा केराई रवा में !
विराजें वहीँ आप
इंद्र की सभा में
बने रहें
दरबारी
पालें मछलियाँ हवा में !
मेनका की बाँहों में
रह रह के झूलें
भूलें सभी कुछ
अमृत पियें
आप डालकर दवा में !
भोलानाथ
डॉराधा कृष्णन स्कूल के बगल में
अन अच्.-७ कटनी रोड मैहर
जिला सतना मध्य प्रदेश .भारत
संपर्क –
8989139763
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