टप टप बरसे
महुओं की रस धार -भट्ठी मत जइयो मेरे यार !
भीगें रन वन
बहती मंद बयार -भट्ठी मत जइयो मेरे यार !
गंध सुवासित है
महुये की
नथ नथुनों खूब समाई,
लाज रखैया है
यह सबकी
आदिम युग से चलती आई ,
चुनगन गायें
सुनें गिलहरी डार - भट्ठी मत जइयो मेरे यार !
टप टप बरसे
महुओं की रस धार -भट्ठी मत जइयो मेरे यार !
भीगें रन वन
बहती मंद बयार -भट्ठी मत जइयो मेरे यार !
मानव दानव
जीव जंतु की
भूख मिटाने वाला है,
अमलतास अमराई के
पायल
पाँव सजाने वाला है,
ढोल बजाकर
मीठा मीठा प्यार -भट्ठी मत जइयो मेरे यार !
टप टप बरसे
महुओं की रस धार -भट्ठी मत जइयो मेरे यार !
भीगें रन वन
बहती मंद बयार -भट्ठी मत जइयो मेरे यार !
खेत हडौरे
चना चबेना
युग युग से पानी कीआड़,
कुटे पिटे
कोये की मिठाई
रहा हमेशा असली खांड,
वन जीवन का
महुआ ठेकेदार -भट्ठी मत जइयो मेरे यार !
टप टप बरसे
महुओं की रस धार -भट्ठी मत जइयो मेरे यार !
भीगें रन वन
बहती मंद बयार -भट्ठी मत जइयो मेरे यार !
भोलानाथ
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