रंग रंगीली
शुभ संध्या की
भेज रहा हूँ
सखा सभी को
जिया दिवस भर
ओंठ ठिठोली !
कर ली ठंडी होली !!
गीतों भरी
जिया की बातें
गाया खूब
महकते सपने
गालों मला
गुलाल मनाई होली !
कर ली ठंडी होली !!
जिया रंगा है
रंग में अपने
ओंठों चढ़ी
बुखार उतारी
खेली फूहर रंग बिरंगी
बोली हमने बोली !
कर ली ठंडी होली !!
भोलानाथ
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