Sunday, 24 March 2013

भोलानाथ के नवगीत


देवों के देव हैं
प्रथम पूज्य
मेरे गुरुदेव हैं !
कहते हैं शिला लेख
भोज पत्र हनुमत ही
सत्यमेव देव हैं !
श्री राम साथ जग जननी को
ध्यान धर
छू छू के चरण कमल
अपने हनुमान के,
सेतुबंधू सेनापति
कर्मयोग है जिनके हाथ में
ओंठों में गीत मेरे
ऐसे भगवन के,
जो बिगड़ी बना दे
सबको अपना ले ऐसे हनुमान जी
सबके गुरु देव हैं !
देवों के देव हैं
प्रथम पूज्य
मेरे गुरुदेव हैं !
कहते हैं शिला लेख
भोज पत्र हनुमत ही
सत्यमेव देव हैं !
गाता हूँ धर कर उनपर लगन
हो खुद में मगन
नाचूं मैं अपने मन के अगन,
अपना लो हम पर बरसाकर
दया दृष्टि
पाप भरे कूप से उबारो
सुख सुविधा दे दो होकर मगन ,
जो पर्वत उठाले
लक्ष्मण बचाले ऐसे हनुमान जी
मेरे गुरुदेव हैं !
देवों के देव हैं
प्रथम पूज्य
मेरे गुरुदेव हैं !
कहते हैं शिला लेख
भोज पत्र हनुमत ही
सत्यमेव देव हैं !

भोलानाथ
डा,राधाकृषणन स्कूल के बगल में
एन,एच-7 कटनी रोड मैहर
जिला सतना मध्य प्रदेश
भारत -संपर्क-09425885234
मैहर "

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